Women’s Problems In Society – महिलाओं का संघर्ष

Women’s Problems In Society – महिलाओं का संघर्ष

नमस्कार, मै डॉ रेनू अरोड़ा आप सब का स्वागत करती हूँ अपने इस ब्लॉग में, जहाँ मेरी रोजाना कोशिश रहती है की मैं आपको useful information दे सकूं, ताकि आपको अपनी जिंदगी में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिल सके और आप सफलता की राह पर आसानी से चल पाए, लेकिन आपको भी मेरा साथ देना होगा, अगर आपको मेरे ये ब्लॉग अच्छे लग रहे है तो इन्हें शेयर जरुर करे ताकि आपके साथ साथ बाकि लोग भी इन ब्लॉग का फायदा उठा सके 

आज का ये ब्लॉग पूरी तरह से समर्पित है महिलाओं को, सोसाइटी में रही महिलाओं की दिक्कत के बारे में, महिलाओं के संघर्ष के बारे में, क्या आज भी नारी का सम्मान हो रहा है, आखिर क्या रोल है महिलाओं का सोसाइटी में, इन सब पर होगी बात, महिलाओं के वैसे तो मल्टीप्ल रोल होते है लेकिन कही न कही अन्दर से वो प्रॉब्लम होने के बावजूद भी बाहर की सोसाइटी को ये महसूस नहीं होने देती 

Problems faced by women’s in India

महिलाओं के लिए दुनिया बदली तो है लेकिन आज का जो सामाजिक व्यवहार है वो उसे तो दर्जा नहीं देते, कहने को तो ये बातें छोटी छोटी है लेकिन वास्तव में ये सामाजिक अन्याय का रूप ही तो है, तो क्या महिलाओं को समाजिक अन्याय को सहना चाहिए या इसके लिए हम लेडीज को भी आगे बढ़कर कुछ काम करना चाहिए, जैसे की स्टडी, रोजगार, महिलाओं से जुड़े अधिकार, एक बात आप को बता दूँ की महिलाओं का संघर्ष बहुत पुराना है और ये आज भी जारी है 

Women’s Role in Society

देखा जाये तो कुछ अन्याय हम अपने आस पास घटित होते देखते तो है लेकिन उसे नजरअंदाज कर दिया जाता है, जब महिलाओं को, गर्ल्स को सोसाइटी में मजाक पात्र बनाया जाता है तो महिलाये अन्दर से टूट जाती है उनके रंग को लेकर बाते की जाती है जो की बिलकुल ठीक नहीं है, ये तो सिर्फ एक उदाहरण है, इस तरह की चीजों से लेडीज रोज़ संघर्ष करती है लेकिन सच ये है की कही न कही हम महिलाएं खुद इन चीजों को बढ़ावा दे रही है चुप रहकर 

नारी का सम्मान 

लेकिन हम लेडीज करे तो क्या करे, हमें इनकी जानकारी होना जरुरी है, खासकर समाजिक मुद्दों की बात करे तो, चलिए हम समाजिक मुद्दों को दो भागो में बाँट लेते है पहला जिनके लिए कानून बना है और दूसरा जिनके लिए कोई कानून बना ही नहीं है, यहाँ तक की आवाज़ भी नहीं उठाई जा सकती, महिलाओं के लिए कई कानून बने तो है लेकिन कई लेडीज को इन कानूनों का पता तक नहीं है, वही घर हो या दफ्तर, महिलाओं को सम्मान न देना ये भी असमानता का एक बड़ा मुद्दा है 

देखिये अगर हम महिलाओं को को कोई रंग रूप को लेकर टिप्पणी करता है तो इसे body shaming कहा जाता है और इसके लिए कोई कानून नहीं है लेकिन हम महिलाएं खुद तो इतना कर सकती है की अगर कोई हमारे रंग रूप को लेकर टिप्पणी करता है तो हम खुद उसे रोक सके ताकि आगे से किसी की ऐसी हिम्मत न हो बोलने की

नारी का संघर्ष

एक बड़ी बात शादी के बाद एक लड़की को उसका surname चेंज करने के लिए बोला जाता है, हालंकि अब काफी कुछ बदल गया है, शादी के बाद कुछ समझदार लोग ऐसा नहीं करते लेकिन यहाँ बात है की सिर्फ महिलाये ही क्यों अपना अस्तित्व बदले, पुरुष क्यों नहीं, उनके लिए ऐसा कोई नियम क्यों नहीं है, ऑफिस की बात कर लेते है यहाँ पर बात करते है वेतन की, हमेशा से पुरुषो को वेतन ज्यादा मिलता है महिलाओं से, आखिर ऐसा क्यों है 

यहाँ महिलाओं को अपने सम्मान और समान अधिकार के लिए खुद खड़ा होना चाहिए, इस सोसाइटी में महिला एक माँ, एक बहन, एक भाभी, एक पत्नी, सास और हर तरह के रोल निभाती है, लेकिन इनको अब वो बराबरी का दर्जा मिलना चाहिए, महिलाओं की सुरक्षा के लिए सोसाइटी को आगे आना चाहिए, ताकि कल को कोई भी महिला बार निकले तो वो अपने आप को सुरक्षित महसूस करे 

 

Women’s Problems In Society – महिलाओं का संघर्ष

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