माँ कात्यायनी – शक्ति साहस और विजय की देवी

माँ कात्यायनी - शक्ति साहस और विजय की देवी

माँ कात्यायनी देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों में से छठा स्वरूप हैं। इनकी उत्पत्ति की कथा अत्यंत रोचक और प्रेरणादायक है। महर्षि कात्यायन ने देवी पराम्बा की कठोर तपस्या की थी और उनसे पुत्री के रूप में जन्म लेने का वरदान माँगा था। देवी ने उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर महर्षि कात्यायन के घर पुत्री … Read more

माँ स्कंदमाता- वात्सल्य शक्ति और मोक्ष की अधिष्ठात्री देवी

माँ स्कंदमाता- वात्सल्य शक्ति और मोक्ष की अधिष्ठात्री देवी

नवरात्री के नौ पावन दिनों में पाँचवाँ दिन विशेष रूप से माँ स्कंदमाता को समर्पित होता है। “स्कंद” कार्तिकेय (भगवान मुरुगन) का ही नाम है — जो देवताओं के सेनापति हैं — और “माता” अर्थात उनकी जननी। इस प्रकार स्कंदमाता वह देवी हैं जो अपनी गोद में बालक कार्तिकेय को लेकर सिंह पर विराजमान रहती हैं। … Read more

माँ कूष्मांडा-ब्रह्मांड की उत्पत्ति करने वाली सूर्य के समान तेजस्वी देवी

माँ कूष्मांडा-ब्रह्मांड की उत्पत्ति करने वाली सूर्य के समान तेजस्वी देवी

नवरात्री के चौथे दिन माँ दुर्गा के चतुर्थ स्वरूप माँ कूष्मांडा की उपासना की जाती है। “कूष्मांडा” शब्द तीन शब्दों से मिलकर बना है — कू (छोटा), ष्म (ऊर्जा/गर्मी), और अंडा (ब्रह्मांड का अंडा)। अर्थात् जिन्होंने अपनी दिव्य हँसी से इस संपूर्ण ब्रह्मांड की रचना की, वही माँ कूष्मांडा हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, सृष्टि … Read more

नवरात्री चौथा दिन माँ चंद्रघंटा-शौर्य वीरता और शांति की देवी

नवरात्री चौथा दिन माँ चंद्रघंटा-शौर्य, वीरता और शांति की देवी

नवरात्री के तीसरे दिन माँ दुर्गा के तृतीय स्वरूप “चंद्रघंटा” की पूजा की जाती है। यह स्वरूप शक्ति, साहस और करुणा का अद्भुत संगम है — जो अपने भक्तों के जीवन से समस्त कष्टों को हर लेती हैं। नवरात्री चौथा दिन माँ चंद्रघंटा-शौर्य वीरता और शांति की देवी माँ चंद्रघंटा का स्वरूप माँ चंद्रघंटा का … Read more

माँ ब्रह्मचारिणी : तपस्या संयम और ज्ञान की देवी

माँ ब्रह्मचारिणी : तपस्या, संयम और ज्ञान की देवी

नवरात्री का दूसरा दिन माँ दुर्गा के दूसरे स्वरूप ब्रह्मचारिणी को समर्पित है। “ब्रह्म” का अर्थ है तपस्या, और “चारिणी” का अर्थ है — जो आचरण करती हैं। इस प्रकार ब्रह्मचारिणी का अर्थ है तपस्या का आचरण करने वाली देवी। इनकी उपासना से साधक को अनंत फल की प्राप्ति होती है। माँ ब्रह्मचारिणी : तपस्या संयम और ज्ञान … Read more

नवरात्री का प्रथम दिन माँ शैलपुत्री की पूजा व्रत विधि

नवरात्री का प्रथम दिन माँ शैलपुत्री की पूजा व्रत विधि

नवरात्री — यह केवल एक त्योहार नहीं, यह नौ दिनों की एक आध्यात्मिक यात्रा है। यह यात्रा शुरू होती है माँ दुर्गा के नौ दिव्य रूपों की उपासना से, जो हर वर्ष आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से आरंभ होती है। इस उत्सव में भारत के कोने-कोने में दीपक जलते हैं, मंदिरों … Read more

हार को जीत में कैसे बदलें

हार को जीत में कैसे बदलें

हार का सामना करना जिंदगी का सबसे कठिन पल होता है। चाहे वो कोई परीक्षा हो, व्यापार में नुकसान हो, रिश्ते में टूटन हो या कोई सपना अधूरा रह जाए — हार का दर्द हर किसी को झकझोर देता है। लेकिन इतिहास गवाह है कि दुनिया के सबसे महान लोग वही बने जिन्होंने हार को … Read more