Guru Purnima Quotes

Guru Purnima Quotes जानिये जिंदगी में गुरु का महत्व

Guru Purnima Quotes जानिये जिंदगी में गुरु का महत्व

कहा जाता है कि अगर आपको अज्ञान रूपी अंधकार को दूर करना है तो आपको जिंदगी में एक अच्छे गुरु की जरूरत हमेशा पड़ेगी जो आपके अज्ञान रूपी अंधकार को ज्ञान रूपी प्रकाश से दूर करेगा गुरु शब्द 2 शब्दों के मेल से बना है गु जिसका अर्थ है अंधकार और रू जिसका अर्थ प्रकाश अर्थात अज्ञान रूपी अंधकार से ज्ञान रूपी प्रकाश की और जो ले जाए वह गुरु होता है
अगर हम अपने पुराने इतिहास को भी उठा कर देखें तो जो महापुरुष अवतारी हुए हैं उन्होंने भी गुरु के मार्गदर्शन से ही अपने मंजिल को पाया है जिस तरह से भगवान श्री राम के गुरु महर्षि वशिष्ठ और विश्वामित्र थे जिनके सानिध्य में उन्होंने अपना विकास किया इसी तरह भगवान श्री कृष्ण को संदीपन ऋषि ने मार्गदर्शन किया हालांकि भगवान कृष्ण को खुद वंदे जगदगुरूम की उपाधि दी गई है यह कहने का भाव है कि मनुष्य अगर संपूर्ण विकास   के साथ-साथ आध्यात्मिक विकास करना चाहता है तो उसके लिए गुरु उसकी जिंदगी में बहुत महत्वपूर्ण है

संत कबीर ने गुरु के बारे में बड़े अच्छे शब्दों में दोहे के रूप में वर्णन किया है
गुरु गोविंद दोऊ खड़े काके लागू पाय
बलिहारी गुरु आपने जिन गोविंद दियो मिलाय
अर्थात अगर गुरु और भगवान दोनों एक साथ खड़े हो तो सबसे पहले किस को प्रणाम करें तो कबीर जी कहते हैं अगर दोनों साथ में खड़े हो तो सबसे पहले गुरु के चरणों में अपना शीश झुकाना चाहिए क्योंकि उस गुरु की कृपा हुई तो हम उस भगवान को मिल सके उस गोविंद के दर्शन कर सके

इसी तरह अगर हम संत तुलसीदास जी की वाणी को भी बाणी को भी पढ़ें उन्होंने भी रामचरितमानस में बड़े अच्छे शब्द लिखे हैं दोहे के रूप में
गुरू बिनु भव निधि तरई न कोई
जो बिरंचि संकर सम होई
तुलसीदास जी का कहने का यह भाव यह है की भले ही कोई ब्रह्मा या शंकर के समान क्यों ना हो गुरु के बिना पर भवसागर को पार नहीं पाया जा सकता तुलसीदास जी ने राम चरित्र मानस के प्रारंभ में ही लिखा है
बंदउ गुरु पद कंज कृपा सिंधु नररुप हरि
महा मोह तम जासु बचन  रवि कर निकर
अर्थात में गुरु के चरणों में बार बार वंदना करता हूं क्योंकि गुरु जो अपने मुखारविंद से बचन करते हैं उससे मोह माया का जो अंधकार है वह नष्ट हो जाता है गुरु मनुष्य रूप में नारायण ही हैं

जीवन के हर क्षेत्र में गुरु का मार्गदर्शन बहुत जरूरी है क्योंकि बिना गुरु के मार्गदर्शन  के हम कोई भी पढ़ाई नहीं कर सकते पर अगर हमें अध्यात्मिकता के क्षेत्र में जाना है तो एक अच्छे गुरु की बहुत जरूरत है क्योंकि एक अच्छा गुरु ही हमें अध्यात्म के मार्ग में ऊँचाई तक पहुंचा सकता है
गुरु कभी भी हमारा बुरा नहीं करते, हो सकता है जिस समय हमें वह किसी चीज के लिए मना करते हो उसमें कोई हमारी भलाई चुकी हो क्योंकि हम अपना आज देख रहे होते हैं और जो संपूर्ण गुरु है वह हमारा कल देख रहे होते हैं
रास्ता आसान हो मुश्किल हो कैसा भी हो गुरु जब अपने वचनों से अपने शिष्य को कोई रास्ता दिखाता है तो वह रेगिस्तान में भी बारिश की बूंदों की तरह होता है जो हमेशा ही ठंडक बन जाती है और ईश्वर भी बिना गुरु के तो नहीं मिलता
जिस तरह से डॉक्टर से कोई बात नहीं छुपाता उस तरह से अगर आपकी जिंदगी में कोई अच्छा गुरु है तो उससे भी कोई बात छुपानी नहीं चाहिए क्योंकि वह गुरु आपकी हर तरह से रक्षा करता है उन गुरु के ज्ञान का अनुसरण हमें हर समय करना चाहिए गुरु की मर्यादा का पालन करना चाहिए और शिष्य का स्थान हमेशा गुरु से नीचे होना चाहिए कभी गुरु जी कभी बुराई या निंदा नहीं करनी चाहिए अगर आपके गुरु इस दुनिया में नहीं भी है तो भी नाम आप आदर पूर्वक ले जहां कहीं भी गुरु मिले उनका आदर पूर्वक सम्मान करें
गुरबाणी के अगर हम शब्द देखें तो उसमें लिखा गया है
मेरा वैद्य गुरु गोविंदा
काटे वह जम की फंदा
अर्थात जो गुरु मेरी जिंदगी में है वह मेरी जिंदगी की में आने वाली सब परेशानियों को दूर करेगा उसने अपना डॉक्टर अपने गुरु को ही बता दिया गया
अगर आपकी जिंदगी में कोई अच्छा गुरु है तो आप बहुत भाग्यशाली हैं गुरु के ऊपर कभी संदेह ना करें वह जो देते हैं या कहते हैं उसमें शिक्षा की भलाई छिपी भी होती है कभी भी प्रश्न ना करें कि मुझे जिंदगी में यह नहीं मिला मुझे इस संबंध में एक प्रसंग याद आता है एक बार मैंने गुरुजी से एक प्रश्न पूछा कि आपके यहां से सबको पुत्र प्राप्ति होती है पर बहुत से आपके पास जुड़ने वाली संगत ऐसी है जिनको सिर्फ लड़कियों की ही प्राप्ति हुई है ऐसा क्यों किया आपने सामर्थ्य नहीं थी कि आप उनको पुत्र दे सकते तो उनका जो जवाब था वह यह था कि मैं पुत्र धन ऊपर वाले से लेकर दे सकता था पर अगर उस पुत्र की आयु ही छोटी होनी थी या वह आकर माता-पिता के लिए दुख दाई होना था
तो ऐसी चीज से अच्छा है कि मैं उसको वह वस्तु प्रदान ही ना करता कई बार शिष्य गुरुओं से सिद्ध कर बैठते हैं कि हमें यह चीज जिंदगी में चाहिए ही चाहिए तो हमें गुरु से किसी बात की जिद नहीं करनी चाहिए क्योंकि जो संपूर्ण गुरु हैं उनके पास पूरी शक्ति होती है कि वह आपको जिंदगी में कुछ भी दे सके गुरु से प्रार्थना करने का एक सरल सा तरीका है कि हमारे मन की इच्छा यह है पूरी करनी या नहीं करनी वह तेरे मन की इच्छा है अगर हमारे लिए अच्छा है तो पूरा करना और अगर नहीं अच्छा तो उसे बिल्कुल मत देना और हमारे मन को शांत कर देना अगर हमें वह चीज नहीं मिलती
गुरु का आदर करना सीखिए और जब भी तलाश करें संपूर्ण गुरु की तलाश करें क्योंकि संपूर्ण गुरुओं को भी भी संपूर्ण शिष्य की तलाश हर वक्त रहती है
5 जुलाई 2020 को गुरु पूर्णिमा का पर्व जरुर मनाये, Guru Purnima Quotes जानिये जिंदगी में गुरु का महत्व के बारे में अगर आपको जानकर अच्छा लगा तो कमेंट में अपनी राय जरुर दे

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