Parenting Tips-बच्चो के चिड़चिड़े और गुस्सैल स्वभाव को कैसे सुधारे

Parenting Tips-बच्चो के चिड़चिड़े और गुस्सैल स्वभाव को कैसे सुधारे

 

नमस्कार आप सब सभी को, आज आप सब की वजह से मुझे रोज़ प्रेरणा मिलती है की मै आपके लिए कुछ नया लेकर आऊ ताकि आप सब को अपनी लाइफ में इसका फायदा मिल सके, इन सब के इलावा आप अगर अपने किसी खास विषय पर चाहते है की मै लिखू तो आप मुझे Instagram, Facebook या मेरे YouTube चैनल के कमेंट बॉक्स में बता सकते है, आप सब ही मेरे प्रेरणासत्रोंत है जिसकी वजह से मुझे इतनी हिम्मत मिलती है 

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आज के इस ब्लॉग में हम कवर करने वाले है माता पिता की बड़ी परेशानी के बारे में, जी हाँ बच्चो के चिड़चिड़े और गुस्सैल स्वभाव के बारे में बात करने वाले है, माता पिता कैसे अपने बच्चो के इस स्वभाव को सुधार सकते है, कई बात ऐसा देखा गया है की पेरेंट्स बच्चो के चिड़चिड़ेपन और गुस्से को अनदेखा कर देते है, कभी पता लगाने की कोशिश ही नहीं करते की आखिर बच्चा ऐसा व्यवहार क्यों कर रहा है, पेरेंट्स इस बात को पुरी तरह से इगनोर कर देते है और यही धारणा बना लेते ही की बच्चा जैसे जैसे बढ़ा होगा वो खुद ही बदल जाएगा और समय के साथ खुद को सुधार लेगा 

1. बच्चो के साथ समय बिताये 

आज कल के को पेरेंट्स है वो इतने बिजी हो गए है की अपने बच्चे के लिए समय भी नहीं निकाल पाते, या तो काम काज में व्यस्त या फिर अपने अपने मोबाइल में, हर कोई अपनी लाइफ में आनंद चाहता है लेकिन ये भी मत भूले की वो बच्चा भी आपका ही है, उसे अकेला ना महसूस होने दे, जब आप बच्चे को इगनोर करके खुद बिजी दिखायेंगे तो बच्चे का चिड़चिड़ेपन और गुस्सैल स्वभाव में जाना लाजमी है 

 

2. बच्चे को बाहरी खेलकूद या अन्य एक्टिविटी में करे शामिल 

अगर आप अपने बच्चे के चिड़चिड़ेपन और गुस्से वाले व्यवहार से परेशान है तो आप बच्चे के साथ समय तो बिताये ही साथ ही साथ उनके साथ बाहरी खेलकूद, या फिर डांस या कोई अन्य एक्टिविटी में लगा दे, आपके बच्चे में खुद ही बदलाव आना शुरू हो जायेगा और पहले से ज्यादा खुश वाले मूड में दिखेगा आपको 

 

3. बच्चो की गलत आदतों को अनदेखा न करे 

माँ पिता के बिजी लाइफ की वजह से बच्चे कई बार गलत आदतों को अपना लेते है, क्यूंकि उन्हें देखने वाला तो कोई होता नहीं, पेरेंट्स को चाहिए की वो बच्चो की आदतों का ध्यान रखे, कही स्कूल में किसी के साथ झगड़ा, या फिर क्लास में उसे कोई डरा रहा हो जिसकी वजह से वो गुस्से और चिड़चिड़ेपन का शिकार हो रहा हो, बच्चे के साथ समय बिताये तभी बच्चे के मन की बात को जान पायेगे 

 

4. मोबाइल गेम से रखे दूर 

बच्चो के गुस्से और चिड़चिड़ेपन का एक मुख्य कारण मोबाइल गेम्स भी बन रही है, बहुत सारे बच्चो को देखा ही की वो मोबाइल गेम खेलते खेलते गुस्से में भर जाते है क्यूंकि कई बार वो जीत नहीं पाते है, इन मोबाइल गेम्स का असर सीधा बच्चो के दिमाग पर पड़ता है जिसकी वजह से वो गुस्से में रहते है

 

5. बच्चो को डराए मत और दुसरो के सामने मत डांटे

बच्चो के गुस्से और चिड़चिड़ेपन के कारण की बात करे तो कई बात जब आप अपने बच्चो को दुसरे के सामने डांट देते हो या डरा देते हो तो बच्चे इस चीज़ को दिल से लगा लेते है और अन्दर अन्दर गुस्से में भी रहते है, इसलिए बच्चो को कभी ना मारे, उनके साथ खुद का व्यव्हार अच्छे रखे ताकि वो डरे नहीं, और हर बात को आपके साथ खुल कर रख सके 

 

 

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