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Mother’s Day Special Poem in Hindi माँ को सलाम 

Mother's Day Special Poem in Hindi माँ को सलाम 
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Mother’s Day Special Poem in Hindi माँ को सलाम 

 

Mother’s Day Special Poem in Hindi माँ को सलाम

 

माँ को सलाम 

ए माँ लिखने से पहले तुझे मैं सलाम करती हूँ 

तेरी शान में लिखा जाए ऐसी में बात करती हूँ 

लिखू तो मैं पर लिखने वाला रब हो 

ए माँ लिखने से पहले तुझे सलाम करती हूँ 

तू माँ नहीं तू देवी है 

तू नारी नहीं तू बेचारी नहीं

लोक लाज की चादर ओढ़े 

तूने रिश्ते सभी निभाए  है

कभी बलिवेदी पर अपने सपने सभी चढ़ाएं है 

कभी नारी शोषण को झेला है 

माँ तूने चुनरी के अंदर  बहुत कुछ झेला है

माँ बन शर्म हया को झेला है 

तेरे अंदर ताक़त है 

छेड़ दिया किसी ने फिर 

शर्म हया ही घातक है 

जब पड़ी ज़रूरत खड़ी होने की 

दुर्गा चंडी बन आयी तू 

प्रेम की जब मूरत बनी 

सुख सारे बच्चों की झोली में डाले

आसमान से चंदा देखे 

जब लोरी तू सुनाए है

छोड़ा अपना चैन आराम

बच्चों को सीने से लगाया है

कभी बनती तू उनकी गुड़िया 

कभी बनती तू उनकी नानी

दुख सारे उनके उठाए हैं 

तू माँ बन कर हम सब में समाई हैं

तू देवी बन धरती पर आयी

माँ ममता की मूरत है 

माँ छतरी है

माँ सुन्दरता की प्रति मूरत है

माँ जीवनदायिनी है 

माँ सुखदाई है

माँ का वर्णन अविश्वासी है

माँ रग रग में समायी है

ए माँ लिखने से पहले तुझे सलाम

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Dr. Renu Arora

Author, Motivational Speaker and Counsellor

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